Central Samvad 18 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद करीब 20 वर्षों में पहली बार बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकंडा और चांटीडीह के निचले क्षेत्रों से 40 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि दोमुहानी क्षेत्र में कई घर चारों ओर से पानी से घिर गए।

वर्षा के कारण अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर सहित आसपास के इलाकों में पानी भर गया। कई ट्रांसफॉर्मर डूबने से शहर के अनेक हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और पेयजल संकट भी गहरा गया।बारिश का असर रेल और शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा।

रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से पांच मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि तीन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया। एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।लगातार जलभराव के बीच नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा उफनते पानी को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों या जलभराव की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की भी अपील की है।

