E-Shram Saathi App Boosts Workers

रायपुर, 28 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग की योजनाओं और कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर तभी दिखेगा जब उनका क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर प्रभावी होगा। इस दौरान श्रम मंत्री लखन देवांगन भी मौजूद रहे।

“ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई सुविधा
मुख्यमंत्री साय ने “ई-श्रम साथी” मोबाइल एप (छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक) का शुभारंभ किया। इस एप के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं, इसलिए उनके अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल हुई हैं और नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने राज्य में मजदूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़ी संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

योजनाओं और बजट की विस्तृत समीक्षा
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, औद्योगिक सुरक्षा, श्रमायुक्त संगठन और विभिन्न मंडलों के कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में 33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं और 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ, जबकि अब तक 2,558 करोड़ रुपये योजनाओं में खर्च किए जा चुके हैं।
श्रमिकों के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना, नोनी सशक्तिकरण योजना, छात्रवृत्ति, आवास और कोचिंग सहायता जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही डिजिटल सेवाओं के विस्तार और ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

