भारतीय वन सेवा में हासिल की 91वीं रैंक : छात्रवृत्ति, मेहनत और संकल्प ने सपनों को दी नई उड़ान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई, बताया युवाओं के लिए प्रेरणा
Central Samvad रायपुर 28मई 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक गांव है संबलपुरी। वनांचल क्षेत्र के इस गांव के युवा अजय गुप्ता ने अपनी मेहनत,लगन और संघर्ष से सफलता की ऐसी कहानी लिखी है, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

बचपन में परिवार के साथ जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करने में अपने परिवार की मदद करने वाले अजय गुप्ता का चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ है। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात के दौरान अजय गुप्ता ने अपनी सफलता की यात्रा साझा की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी कठिन परिस्थिति को सफलता में बदला जा सकता है।
अजय का बचपन रायगढ़ जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में बीता। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एनआईटी रायपुर में प्रवेश मिला, जहां छात्रवृत्ति ने उनकी पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग किया।

अजय बताते हैं कि जंगल और प्रकृति उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। बचपन से प्रकृति के साथ जुड़ाव ने ही उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगलों ने उन्हें सिर्फ आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन का लक्ष्य भी दिया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल क्षेत्र के युवाओं के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है।यह सफलता उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। अजय गुप्ता की कहानी बताती है कि सही दिशा, मेहनत और अवसर मिलने पर गांव और वनांचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।

