Central Samvad रायपुर 12 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों के लिए रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने तथा मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने पर जोर दिया।

नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष अगस्त में तियानचिन बैठक के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों को परस्पर सम्मान, संवेदनशीलता और हित के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए आवश्यक आधार है। दोनों नेताओं ने सीमा संबंधी मौजूदा समझौतों और समझ का पालन करने तथा बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दों के निष्पक्ष समाधान के प्रति प्रतिबद्धता जताई।विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक संबंधों और आवागमन को बढ़ावा देने के साथ व्यापार असंतुलन, आपूर्ति श्रृंखला और बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया, मलेशिया, वियतनाम के प्रधानमंत्रियों और अबू धाबी के युवराज के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. आबी अहमद अली के साथ बैठक में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक सहयोग, रक्षा-सुरक्षा और क्षमता विकास की समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की।मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा-सुरक्षा तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों की प्रगति की समीक्षा हुई।

दोनों नेताओं ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और आसियान-भारत संबंधों को मजबूत करने में मलेशिया के समर्थन की सराहना की।
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारत और वियतनाम के संबंध सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित हैं तथा वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख साझेदार है।

अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के साथ बैठक में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

दोनों देशों ने साझा हितों और प्राथमिकताओं के साथ ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने यूएई की अंतरराष्ट्रीय होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा में साढ़े ग्यारह अरब डॉलर की एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम परियोजना में निवेश की घोषणा का स्वागत किया।

