Central Samvad रायपुर 14 मई 2026/ भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ की प्रगति का निरीक्षण किया।

नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर क्षेत्र में पहुंचकर उन्होंने परियोजना के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट को “ज़ीरो एरर” के साथ तय समयसीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने आरओआर (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा।
उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही सर्वे टीम से तकनीकी पहलुओं पर सवाल पूछते हुए दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर, शासकीय भूमि संरक्षण तथा प्रविष्टियों की प्रक्रिया की समीक्षा की।केंद्रीय सचिव ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करेगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया में नागरिक सहभागिता को योजना की सफलता की आधारशिला बताया।
संचालक भू-अभिलेख विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इनमें धमतरी अग्रणी जिले के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जानकारी दी कि जिले में डिजिटल डोर नंबरिंग (DDN) प्रणाली भी लागू की जा रही है। इससे भविष्य में ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल भुगतान जैसी सेवाएं आसान होंगी तथा नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन संभव हो सकेगा।
नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार सर्वे कार्य और जनसंख्या संबंधी जानकारी प्रस्तुत की। वहीं स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।

