स्टार्टअप, अनुसंधान, ईवी चार्जिंग, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं को मिला नया विस्तार
Central Samvad रायपुर, 29 मई 2026
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में शुक्रवार को सात महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

इन परियोजनाओं से संस्थान में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और सतत विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र, कर्मचारी, पूर्व छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से विकसित एनआईटी रायपुर एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। यह छत्तीसगढ़ का पहला डीएसटी-निधि टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है, जहां वर्तमान में 50 से अधिक स्टार्टअप्स को तकनीकी और व्यावसायिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इससे प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।संस्थान परिसर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। दो 60 किलोवाट क्षमता वाले चार्जरों से युक्त यह सुविधा स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।इस अवसर पर उच्च-वोल्टेज इम्पल्स परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी गई।

लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना विद्युत अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। इसके निर्माण में सीएसपीटीसीएल द्वारा एक करोड़ रुपये की सीएसआर सहायता दी गई है।संस्थान के प्लेटिनम जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में प्लेटिनम अतिथि गृह का शिलान्यास भी किया गया। लगभग 13.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक भवन में 20 सुसज्जित कमरे, सम्मेलन कक्ष और अन्य सुविधाएं होंगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अतिथियों के स्वागत की क्षमता बढ़ेगी।

कार्यक्रम के दौरान 25.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक एनेक्स-1 भवन का उद्घाटन भी किया गया। इस बहुमंजिला भवन में 35 आधुनिक कक्ष, विभिन्न विभागों की कक्षाएं और इनक्यूबेशन सेंटर संचालित होंगे। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण और शोध वातावरण मिलेगा।इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) पुस्तकालय अनुभाग का शुभारंभ किया गया। यहां भारतीय दर्शन, विज्ञान, गणित, आयुर्वेद, योग, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकें एवं शोध सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा सके।कार्यक्रम में लगभग 16.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेकर्स्पेस एवं अनुसंधान सुविधा भवन का भी शिलान्यास किया गया।
यह केंद्र विद्यार्थियों को नवाचार, प्रोटोटाइप निर्माण और उन्नत अनुसंधान के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने कहा कि एनआईटी रायपुर आधुनिक, नवाचारी और वैश्विक मानकों के अनुरूप परिसर विकसित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
वहीं निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि नई परियोजनाएं संस्थान की दूरदर्शी विकास नीति और गुणवत्ता आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

