Central Samvad रायपुर, 1 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अभद्र भाषा, नफरत और कटु व्यवहार से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकलता। उन्होंने समाज से अपील की कि भटके हुए युवाओं को दंडित करने के बजाय उन्हें सही मार्ग दिखाने का प्रयास किया जाए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटना का उल्लेख किया, जहां उनके और उनकी दिवंगत माता के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस घटना से समाज में स्वाभाविक रूप से आक्रोश और निराशा पैदा हुई, लेकिन बचपन और युवावस्था सीखने, गलतियों को समझने और उन्हें सुधारने का भी समय होता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि गुमराह युवाओं को अदालतों के चक्कर लगवाने या सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी।
उन्होंने ऐसे युवाओं को क्षमा करने की बात कहते हुए देशहित में आगे आने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनने का आह्वान किया।इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी।
नए कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाना है। इसके तहत दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की कैद, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, संपत्ति जब्ती और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान किया गया है।

