Central Samvadरायपुर, 04 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है।

अब खरीफ सीजन में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि दी जाएगी।योजना के तहत अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, मक्का, कपास तथा कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें शामिल की गई हैं।
इसका उद्देश्य धान पर निर्भरता कम करना, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाना, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना और भूमि की उर्वरता में सुधार करना है। पात्र किसानों को सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इसके लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन और डिजिटल फसल सत्यापन अनिवार्य होगा।जो किसान पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कपास या मोटे अनाज की खेती कर रहे हैं, उन्हें पूर्व की तरह 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलती रहेगी। कृषि विभाग ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज, डीबीटी से जुड़ा बैंक खाता और मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी। विभाग ने इस खरीफ सीजन में मक्का, दलहन, तिलहन और लघु धान्य फसलों के रकबे में वृद्धि का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

