Central Samvad 24सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की 24 सितंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है।
दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा‘ को पुनर्जीवित करने और उसे बचाए रखने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ’नाचा’ को एक नये मुकाम पर पहुंचाया और नाचा को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जनचेतना जगाने के माध्यम के रूप में बखूबी उपयोग किया।

छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य ‘नाचा’ को नई पहचान देने वाले महान लोक कलाकार दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की पुण्यतिथि पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने नाचा को केवल मनोरंजन का माध्यम न रखकर छत्तीसगढ़ के जनजीवन, लोकभाषा और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने वाले सशक्त लोकमंच के रूप में विकसित किया। उन्होंने कलाकारों को संगठित कर ‘रैली रिगनी साज’ नाचा दल बनाया, जिसे छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी माना जाता है।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि दाऊ मंदराजी की स्मृति में राज्य सरकार द्वारा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में ‘दाऊ मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी कला-साधना से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना जरूरी है। दाऊ मंदराजी का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

