1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 13 विद्यार्थियों को प्रदान किए गए स्वर्ण पदक
Central Samvad 15मई 2026 रायपुर
राज्यपाल एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर रमेन डेका ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। लगातार घटती कृषि भूमि को देखते हुए कम जमीन में अधिक उत्पादन पर ध्यान देना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन को बढ़ावा देना होगा।श्री डेका इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए गए। विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक दिए गए। इसके अलावा 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।
यह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं बल्कि नए भविष्य की उन्होंने कहा शुरुआत भी है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र अब विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्रण, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग खेती को नई दिशा दे रहा है।उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मिट्टी की जांच, मोबाइल ऐप के जरिए किसान परामर्श और ई-नाम जैसी व्यवस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। उन्होंने किसानों और युवाओं से आधुनिक खेती को अपनाने का आग्रह किया। श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब उच्च गुणवत्ता वाले धान और अन्य फसलों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री साय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेती में ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सुगंधित धान की अनेक प्रजातियों के लिए जाना जाता है। यहां फल, फूल और मसाला उत्पादन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। समारोह में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद मौजूद थे।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश प्रदान किया। कार्यक्रम में विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, अधिकारी, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित थे।
Input – DPRCG

