अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुगंधित चावल की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा
Central Samvad रायपुर, 4 जून 2026
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बासमती धान की खेती के विस्तार की दिशा में पहल शुरू की है।

कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा और इस दिशा में आवश्यक कदम प्राथमिकता के साथ उठाए जाएंगे।कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके लिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं। चयनित क्षेत्रों में खेती का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।बैठक में बताया गया कि बासमती और अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय एवं यूरोपीय बाजारों में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिल सकती है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग और निर्यात बढ़ाने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।बैठक में उत्पादन, विपणन और निर्यात को जोड़ने वाली समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर भी सहमति बनी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।

