Central Samvad रायपुर, 06 जून 2026
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन आज समाज की बड़ी चुनौती बन चुकी है। नई पीढ़ी को डिजिटल लत और “पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस” से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने की आवश्यकता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने यह बात कही। समारोह में 9,194 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी की उपाधियां प्रदान की गईं तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने नवस्नातक चिकित्सकों से मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा मानवता की सेवा है और चिकित्सकों को अपने पेशे की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने टेलीमेडिसिन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति नई जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र लोगों की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।


