Central Samvad रायपुर, 02 अक्टूबर 2026
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय खादी सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की।

मंत्री गजेन्द्र यादव ने खादी और स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, उत्पादकों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्र और स्थानीय बुनकरों के कौशल को बढ़ावा देने तथा ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 2 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक खादी वस्त्रों पर 25 प्रतिशत विशेष छूट की घोषणा की गई। आमजन को खादी से जोड़ने के लिए ‘सेल्फी विद खादी’ अभियान भी शुरू किया गया।

खादी उत्पादन केंद्र कूंवरगढ़ के नवनिर्मित भवन और अंबिकापुर के प्रीमियम सेल्स आउटलेट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम में रेशम विभाग ने ‘अमारी सिल्क’ ब्रांड का अनावरण किया।

बस्तर के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए। बस्तर संभाग के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल भी शुरू की गई।

हथकरघा संघ द्वारा खादी एवं हैंडलूम उत्पादों के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया।महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि गांधीजी ने खादी और चरखे को स्वावलंबन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी स्थानीय हुनर, कुटीर उद्योग और कौशल विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।कार्यक्रम में बुनकरों और योजनाओं के हितग्राहियों को सम्मानित किया गया तथा प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए।

प्रदर्शनी में खादी, ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और स्व-सहायता समूहों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। मंत्री गजेन्द्र यादव ने चरखा चलाकर भी देखा।कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे सहित विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में बुनकर समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

