बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

उन्हें घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया और तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में उन्हें सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने और प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल थे। चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली।
अभिनय के साथ नाना पाटेकर ने निर्देशन और रंगमंच में भी काम किया। उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनके निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिंदी और मराठी सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में वह गहराई, अलग पहचान और दमदार मौजूदगी थी जो नाना पाटेकर में थी।
श्री मोदी ने कहा कि श्री पाटेकर ने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता दिखाई और ऐसे अभिनय किए हैं जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि अभिनेता को उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था।
वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। श्री मोदी ने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का बहुत बड़ा योगदान था और उनके जाने से एक बड़ी कमी महसूस होगी। प्रधानमंत्री ने मशहूर अभिनेता के परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की है।

