Central Samvad रायपुर, 08 अक्टूबर
दंतेश्वरी की पावन धरा जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘सहकार से समृद्धि’ वर्कशॉप का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के सहकारिता विभागों के अधिकारी, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए।

भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारिता की सार्थकता तभी है, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए नई बहुउद्देशीय पैक्स के गठन, उनके डिजिटलीकरण और कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकास पर जोर दिया।

उन्होंने पैक्स के माध्यम से कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में सहकारिता को पारंपरिक खाद और ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है। डेयरी, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के क्षेत्र में भी इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि समितियों को डिजिटल सुविधाओं, माइक्रो-एटीएम और कॉमन सर्विस सेंटर से जोड़ा गया है।

कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सहकारी क्षेत्र में सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रयासों की जानकारी दी।तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने अपने राज्य में सहकारी क्षेत्र के लिए तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट और एक्शन प्लान की जानकारी साझा की।

वहीं, छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर में हालिया जलभराव के बावजूद जिला प्रशासन और पूरी टीम द्वारा कम समय में सम्मेलन स्थल को तैयार करने की सराहना की।सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर देश में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। विभिन्न सहकारी समितियों और संस्थाओं ने अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगाए हैं।
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारी सहकारिता क्षेत्र के अनुभवों और नवाचारों को साझा करेंगे।बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव एवं पंजीयक तथा सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि सम्मेलन में मौजूद रहे।
यह राष्ट्रीय मंथन सहकारिता के माध्यम से दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों तक विकास एवं आर्थिक समृद्धि पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

