Central Samvad रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
कांकेर में राज्य स्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और वन्यप्राणियों की निगरानी के लिए 60 लाख रुपए के तकनीकी नवाचारों की घोषणा की।

उन्होंने वन्यप्राणियों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस वाहन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि भालू और तेंदुओं की गतिविधियों एवं लोकेशन की निगरानी के लिए 40 लाख रुपए की लागत से रेडियो कॉलरिंग परियोजना शुरू की जाएगी। वहीं, 20 लाख रुपए की लागत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग और मोबाइल अलर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा।

इस सिस्टम के माध्यम से वन्यप्राणियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ संभावित खतरे की सूचना ग्रामीणों को मोबाइल पर दी जा सकेगी।मंत्री ने कहा कि वन्यप्राणियों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनसहभागिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने का आह्वान किया।
समारोह में वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और प्राकृतिक विरासत पर आधारित तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इनमें गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य की जैव-विविधता पर आधारित Gomarda: The Hidden Emerald of Chhattisgarh, अचानकमार की बाघिन ‘झुमरी’ के दृष्टिकोण से जंगल के अनुभवों पर आधारित अचानकमार की जीती-जागती कहानी झुमरी की जुबानी और गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की शैलचित्र एवं पुरातात्विक धरोहर पर आधारित Timeless Imprints: Guru Ghasidas Tamor Pingla Tiger Reserve शामिल हैं।
इस अवसर पर मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और वन्यप्राणी संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक आशाराम नेताम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, डीएफओ, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

