CentralSamvad 23 मई 2026
बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ 25 मई को मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में जस्टिस जॉय माल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं। मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं” शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

नोएडा निवासी 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष ने ट्विशा को नशे का आदी बताया है, जबकि मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने देशभर में दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।
मससे पहले मध्यप्रदेश सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी कर भोपाल कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 25 मई तक जवाब मांगा है।
इधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मामले से जुड़े वकील पति समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगली समीक्षा तक समर्थ सिंह वकालत नहीं कर सकेंगे और अपने नाम के आगे “वकील” शब्द का उपयोग भी नहीं कर पाएंगे।

