जशपुर जिले की ग्राम पंचायत नीमगांव जल संरक्षण की अनूठी पहल के कारण पूरे क्षेत्र में मिसाल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में मनरेगा और जनभागीदारी से गांव में जल संरक्षण के व्यापक कार्य किए गए हैं।

सरपंच नागेंद्र भगत के नेतृत्व में गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया गया। ग्राम पंचायत में अब तक 2587 कंटूर ट्रेंच, लगभग 30 सोक पिट और कई डबरियों का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं से वर्षा जल का संचयन बढ़ा है, भू-जल स्तर में सुधार हुआ है और मिट्टी के कटाव पर भी रोक लगी है।

खेतों में विकसित जल संरचनाओं से नमी बनी रहने के कारण किसानों को बेहतर उत्पादन मिल रहा है। वहीं डबरियों में संग्रहित पानी सिंचाई के लिए अतिरिक्त स्रोत बन रहा है। गर्मी के मौसम में भी इनमें पानी उपलब्ध रहने से इनकी उपयोगिता साबित हुई है।
नीमगांव की यह पहल जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने का सफल मॉडल बनकर सामने आई है, जिसे अन्य ग्राम पंचायतों में भी अपनाया जा सकता है।

