Central Samvad 17मई रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि आदि उत्सव जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने यह बात मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।

मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य उत्सव में जनजातीय संस्कृति, इतिहास, परंपरा और गौरवशाली विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरा आयोजन गोंडवाना साम्राज्य की ऐतिहासिक विरासत और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित रहा।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि रामनगर की मिट्टी में इतिहास की महक है और यह स्थान जनजातीय अस्मिता तथा सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंडला एवं आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में जनजातीय समाज की सहभागिता इस आयोजन की लोकप्रियता और सामाजिक महत्व को दर्शाती है।

उन्होंने गोंडवाना साम्राज्य के इतिहास को गौरवपूर्ण बताते हुए वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान को प्रेरणादायी बताया। साथ ही गोंडवाना नरेश दलपत शाह, अमर शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह को श्रद्धापूर्वक याद किया।
राज्यपाल ने मिलेट्स फेस्टिवल की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समाज सदियों से मोटे अनाज को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाता आया है और आज पूरा विश्व इसके महत्व को समझ रहा है।

कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने आदि उत्सव की ऐतिहासिक यात्रा और इसकी पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।उत्सव के दौरान जनजातीय लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, लोकगाथाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न विभागों एवं जनजातीय कलाकारों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके, गुजरात के जनजातीय कार्य मंत्री नरेश भाई पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

